हरदा। हरदा में नगरपालिका और तहसीलदार पर न्यायालय को झूठी जानकारी देने, अवमानना करने का मामला सामने आया है। जनसुनवाई में आए शिकायतकर्ताओं ने शिकायती आवेदन में नगरपालिका और तहसीलदार पर यह आरोप लगाया है। आवेदन में कलेक्टर से इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गयी है।
दरअसल शिकायतकर्ता रितेश पटेल पुत्र सरदार पटेल और हरदा के गुर्जर छात्रावास के आसपास रहने वाले कुछ नागरिकों ने जनसुनवाई में आवेदन देकर नगरपालिका और तहसीलदार पर आरोप लगाया। आवेदन में लिखा है कि हरदा में गुर्जर छात्रावास के पास मुख्य मार्ग पर कुछ लोगों ने लंबे समय से अतिक्रमण कर रखा है। अतिक्रमणकर्ताओं में कुछ लोग नगरपालिका के कर्मचारी, राजस्व अधिकारी व उनसे संबंधित लोग हैं। श्रेय प्राप्त होने के कारण इन लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।
25 अप्रैल 2005 को तत्कालीन कलेक्टर ने सात दिन में अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर स्व। रामकृष्ण पटेल ने हाईकोर्ट जबलपुर में 14542/2006 याचिका लगाई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार तत्कालीन तहसीलदार ने अतिक्रमण हटाने की झूठी जानकारी देकर इस याचिका को निष्फल करवाया था। जबकि अतिक्रमण अब तक नहीं हट पाया है। यही नहीं अतिक्रमणकर्ताओं को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देकर पक्के आवास बनवाये गए। हाईकोर्ट में नगरपालिका हरदा द्वारा दिया गया जवाब भ्रामक, तथ्यों को छुपाने वाला है। ये अवमानना भी है। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से नगरपालिका द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत जवाब और वस्तुस्थिति बिंदुवार बताकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
