आगर-मालवा। कोरोना संकट के बीच आगर-मालवा के रहने वाले 65 वर्षीय संतोष खंडेलवाल बेजुबान जानवरों का सहारा बन गए है। संतोष अपने घर से चने, बाफले और अन्य कई तरह की भोजन सामग्रियां ले जाकर कुत्तों, बंदरों और गायों को खिलाते हैं।
दरअसल कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में लॉक डाउन लागू किया गया है। ऐसी स्थिति में हर कोई घर में रहकर कोरोना वायरस से बचने की कोशिश में लगा हुआ है। ऐसे समय में कई गरीब परिवारों के सामने भोजन का संकट उत्पन्न हो गया है। हालांकि ऐसे लोगों के लिए कई तरह की सामाजिक संस्था और प्रशासन भोजन की व्यवस्था कर रहा है। प्रशासन और सामाजिक संस्थाएं गरीब परिवारों तक राशन पहुंचा रही है।
हालांकि संकट की इस घड़ी में जानवरों की तरफ कम ही लोगों का ध्यान जा रहा है। ऐसे में आगर-मालवा के 65 वर्षीय संतोष खंडेलवाल और उनकी पत्नी बेजुबान जानवरों की सेवा कर रहे हैं। कोई जानवर भूख से तड़पकर दम ना तोड़ दे, इसके लिए संतोष रोजाना बेजुबान जानवरों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं। संतोष अपने घर से चने, बाफले और अन्य कई तरह की भोजन सामग्रियां ले जाकर कुत्तों, बंदरों और गायों को खिलाते हैं। संतोष को देखते ही उनके आसपास बंदरों और गायों का हुजूम लग जाता है।
