भोपाल। मध्यप्रदेश का सियासी घमासान अब सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुँच गया है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर आज सुनवाई होगी। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और 9 भाजपा विधायकों ने जल्द फ्लोर टेस्ट कराने को मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। भाजपा का दावा है कि कमलनाथ सरकार बहुमत खो चुकी है। कांग्रेस को सरकार में रहने का संवैधानिक अधिकार नहीं है।
दूसरी तरफ सोमवार को राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को दूसरी बार चिट्ठी लिखकर मंगलवार को फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश दिए थे। हालाँकि मंगलवार को फ्लोर टेस्ट होने की कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि विधानसभा में फ्लोर टेस्ट को लेकर कोई तैयारी नहीं है। न ही मंगलवार के लिए विधानसभा की कार्य सूची जारी हुई है।
वहीँ राज्यपाल लालजी टंडन की चिट्ठी मिलने के बाद सोमवार रात मुख्यमंत्री कमलनाथ राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मुलाकात की। यह मुलाकात करीब आधे घंटे चली। राज्यपाल से मुलाकात के बाद कमलनाथ ने दावा किया है कि हमारी सरकार बहुमत में है। अगर भाजपा को लगता है कि हमारी सरकार अल्पमत में हैं तो भाजपा विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए।
गौरतलब है विधानसभा अध्यक्ष ने कोरोना वायरस के कारण मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्रवाई 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी है।
