होशंगाबाद। पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम को होशंगाबाद के पास सूरज कुंड के नजदीक नर्मदा किनारे से तीन लाख साल पुराना गाय का जीवाश्म मिला है। होशंगाबाद पहुंची टीम के सदस्यों ने बताया कि उन्हें नर्मदा की तलहटी में प्राचीन जीवाश्म, पत्थर के औजार मिले है।
दरअसल मोहाली आईएसआर के पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम नर्मदा की तलहटी में आदिमकाल के जीव जंतु और प्राचीन सभ्यता के अवशेष को खोजने में जुटी हुई है। टीम का कहना है कि यहां हमें आदिम युग के औजार और अवशेष मिले हैं। यह करीब 12 हजार से 10 लाख हजार साल पुरानी सभ्यता का इतिहास बताते हैं। यह शोध की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
टीम के एक सदस्य का कहना है कि नर्मदा तट सिंधु घाटी की सभ्यता से भी पुरानी सभ्यता मानी जाती है। नर्मदा तट पर मिले औजार और जीवाश्म के स्पष्ट है कि प्राचीन समय में मानव ने पाषाण के औजार बनाए थे। हमने नर्मदा किनारे से तीन लाख साल पुराने गाय के जीवाश्म भी मिले है।
बता दे कि पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम में अमेरिका, इंग्लैंड और पंजाब के सदस्य शामिल है। टीम इसी अनुसंधान में जुटी हुई है कि पर्यावरण में होने वाले बदलाव के कारणों और विलुप्त हुए जीवजंतुओं के इतिहास पर शोध कर दुनिया के सामने लाया जा सकें। वहीं महादेव पिपरिया सहित कई जगह पर जीव-जंतु और आदिम युग की सभ्यता के शैलचित्र भी टीम को मिले है जो अध्ययन और संरक्षण के आभाव में विलुप्ति की कगार पर है। जिन्हे सहेजे जाने की भी आवश्यकता पर भी मोहाली के वैज्ञानिकों की टीम ने जोर दिया है।
