बैतूल। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण पूरा उत्तर भारत ठंड की चपेट में आ गया है। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग आग और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। बैतूल जिले में सूर्यपुत्री माता ताप्ती को ठंड से बचाने के लिए उन्हें गर्म कपड़े पहनाए जा रहे हैं। माता ताप्ती को शाल, ऊनी वस्त्र के साथ-साथ टोपा और मफलर पहनाया जा रहा है। गर्म कपड़ों में लिपटी माता ताप्ती इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। रोजाना आरती के बाद माता ताप्ती को गर्म कपड़े पहनाकर दूध और फल का भोग लगाया जा रहा है।
दरअसल बैतूल जिले के मुलताई में माता ताप्ती का प्रसिद्ध मंदिर है। मंदिर के पुजारी का कहना है कि हर साल अधिक सर्दी पड़ने पर सर्दी से बचाव के लिए माँ ताप्ती को गर्म कपड़े पहनाते हैं। मंदिर में जब किसी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हो जाती है, तो उस प्रतिमा में प्राण बसते हैं। इसलिए माता ताप्ती जी के स्नान, भोग, विश्राम, शयन सहित सभी दिनचर्या हमारी पूजन व्यवस्था में शामिल रहती है। जब अधिक सर्दी पड़ती है तो माता ताप्ती को गर्म कपड़े पहनाकर उन्हें ठंड से बचाया जाता है।
मान्यता है कि यदि माता ताप्ती को गर्म कपड़े पहनाए जाते है तो क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा जैसे ओलावृष्टि आदि नही होती है। बता दे कि मुलताई ताप्ती नदी की उदगम स्थली है। यहां माता ताप्ती को जीवनदायिनी के रूप हर कोई पूजता है।
बता दे कि बीते कुछ दिनों में जिले के तापमान में गिरावट आने लगी है जिससे ठंड बढ़ने लगी है। जिले में कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री के बीच तो वही अधिकतम तापमान 22 से 23 डिग्री के बीच पहुच गया है।
