रतलाम। रतलाम जिले में एक महिला पिछले दो सालों से खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही है। लेकिन सरकारी अफसरों ने उसकी एक ना सुनी। हद तो तब हो गई जब महिला कलेक्ट्रेट में जारी जनसुनवाई में पहुंची तो अधिकारियों ने उसे जिंदा साबित करने के लिए अगले दो हफ्तों की मोहलत मांग ली।
दरअसल पीड़ित महिला का नाम रेखा है और वह रतलाम के खातीपुरा क्षेत्र की रहने वाली है। दो साल पहले रेखा के पति की मृत्यु हो चुकी है। जब पीड़ित महिला विधवा पेंशन के लिए आवेदन करने के लिए नगर निगम पहुंची तो पता चला कि समग्र आईडी में उसके पति के साथ उसके नाम के आगे भी मृत लिखा हुआ है।
महिला उसके बाद से लगातार खुद को जिंदा साबित करने के लिए नगर निगम के चक्कर काट रही है। लेकिन जिम्मेदारी उसकी सुनवाई करने हो ही तैयार नहीं है। जब पीड़ित महिला कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई में पहुंची तो अधिकारियों ने उसे कागज में जिंदा करने के लिए दो हफ़्तों की मोहलत मांग ली।
इस मामले में पीड़ित महिला ने आज कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में शिकायत दर्ज करवाई है। जहां जिम्मेदारों ने उसे जिंदा साबित करने के लिए 15 दिन की मोहलत मांगी है। वहीँ इस मामले में जब निगम के उपायुक्त से जवाब मांगा तो वे भागते नजर आए।
बहरहाल खुद को जिंदा साबित करने की जद्दोजहद में पीड़िता भी अब थक चुकी है, लेकिन लगता है कि रतलाम नगर निगम के लापरवाह कर्मचारी और अधिकारी कसम खाकर बैठे है कि हम नहीं सुधरेंगे।
