बड़वानी। अपने सरकारी आवास को साफ़ और सुसज्जित रखने वाले पुलिसकर्मियों को पुलिस विभाग सम्मानित करेगा। दिवाली पर पुलिस अधीक्षक ने टीम बनाकर सरकारी आवास का निरीक्षण कराया। अब पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। यह अनोखी पहल बड़वानी पुलिस विभाग की ओर...
भोपाल। डीजीपी की एक एडवाइजरी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। डीजीपी ने एडवाइजरी में जिलों के पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि, ‘अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों के साथ किसी प्रकार का अभद्र व्यवहार न किया जाए और न ही मारपीट की जाए।‘ ख़ास बात यह है कि उनकी इस...
राजगढ। शादी-ब्याह के बाद हर घर आंगन में बच्चे की किलकारी गूंजे यह हर किसी की ख्वाहिश होती है। संतान पैदा कर अपने वंश को बढ़ाना हर किसी का सपना होता है। संतान पैदा होने पर बधाई गीत गाए जाते हैं। खुशियां बांटी जाती है। लेकिन मध्यप्रदेश का एक गाँव ऐसा...
इंदौर। खुद के लिए जीना तो क्या जीना जनाब। ऐसे ही खयालों वाले 72 साल के एक शख्स का समाज और वतन के प्रति जज्बा हर किसी के लिए प्रेरणादायी है। 72 वर्षीय एक शख्स हर दिन बिगड़ती यातायात व्यवस्था को खुद संभालते हैं। इंदौर में बेतरतीब यातायात एक बड़ी फजीहत...
इंदौर। सूबे के मुखिया कमलनाथ ने कहा था कि, ‘अगर मेरे होर्डिंग भी बिना अनुमति के लगाए जाते हैं तो वे भी हटा दिए जाएं।’ जबकि उन्हीं की सरकार में मंत्री के समर्थक होर्डिंग को लेकर सरेआम मुख्यमंत्री के निर्देशों की अवहेलना और कानून की धज्जियां उड़ाते नजर...
इंदौर। लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रेत का ट्रक छोड़ने के एवज में रिश्वत लेते हुए आरक्षक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में आरक्षक के साथ थाना प्रभारी और होमगार्ड सैनिक को भी आरोपी बनाया है। दरअसल मनोज शर्मा का रेत से भरा ट्रक सिमरोल...
पन्ना। पन्ना टाइगर रिजर्व में किसी समय शून्य पर पहुँच चुकी बाघों की संख्या वर्तमान में 54 तक पहुँच गई है। पिछले 10 सालों में बाघों की संख्या यहाँ तेजी से बढ़ी है। बाघों का कुनबा बढ़ने से विभाग रोमांचित है। इसे लेकर प्रबंधन ने बाघ उत्सव मनाया है। इसमें...
खंडवा। ओंकारेश्वर बाँध में पूर्ण जलभराव और बग़ैर पुनर्वास डूब के विरोध में खंडवा जिले के कामनखेड़ा गांव में चल रहा जल सत्याग्रह आख़िरकार 12वें दिन समाप्त हो गया है। सरकार ने सत्याग्रहियों की जलस्तर कम करने को छोड़कर बाकी सभी मांगो को मान लिया है।...
शिवपुरी। सरकार भले ही विस्थापितों को मुआवजा देने के लाख दावें करे लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। सुरवाया के आरक्षित वन से करीब 19 साल पहले विस्थापित किए गए परिवारों को आज तक मुआवजा नहीं मिला है। न ही इन्हें रहने के लिए घर या आजीविका चलाने के लिए...
भोपाल। सत्ता में आने के बाद से ही कमलनाथ सरकार पिछली सरकार की योजनाओं पर ताले लगाते जा रही है। पिछली सरकार द्वारा पशुओं के ईलाज के लिए चलाई जा रही पशु संजीवनी मुफ्त सेवा योजना को भी बंद कर दिया है। अब पशु पालकों को मवेशियों के इलाज के लिए बतौर शुल्क...

